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सांपों के काटने के तुरंत बाद कर लेना चाहिए ये काम नहीं होंगी मौतें!

हिंदू धर्म में सांपों का भगवान शंकर से संबंध होने की वजह से देशभर में नागों की पूजा की जाती है लेकिन गांवों में बसे भारत के लिए यही सांप कई बार जान का खतरा भी बन जाते हैं... सांपों के काटने से देश में हर साल हजारों मौतें होती हैं। आखिर हम कैसे बच सकते हैं इस खतरे से, आइए जानते हैं...

भारत में कोबरा, वाइपर,करीट जैसे 550 किस्म के सांप हैं। है। इनमें से बमुश्किल 10 सांप ऐसे हैं जो जहरीले हैं। बाकी सब गैर जहरीले हैं। इसका मतलब ये हुआ 540 सांप ऐसे हैं जिनके काटने से किसी को खतरा नहीं है। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि कई बार खतरे से ज्यादा उसका डर घातक सिद्ध हो जाता है। सांप के काटने का डर भी ऐसा ही है। कई बार आदमी की मौत इसके डर से ही हो जाती है।

सांप जब भी इंसान को काटता है, उसके दांतों का जहर शरीर के अंदर प्रवेश जाता है। ये जहर ऊपर की तरफ आता है। मान लीजिए अगर हाथ पैर पर सांप ने काट लिया तो जहर पहले दिल की तरफ जाएगा उसके बाद पूरे शरीर मे पहुंचेगा। सांप कहीं भी काटेगा, जहर पहले दिल तक ही पहुंचेगा फिर शरीर में फैलेगा। पूरे शरीर में पहुंचने में उसे 3 घंटे लगते हैं। मतलब ये कि रोगी 3 घंटे तक जीवित रहेगा।

अगर घर मे कोई पुराना इंजेक्शन हो तो उसे लें और आगे सुई लगे हिस्से को काट लें। सुई जिस पलास्टिक पर फिट होती है उस प्लास्टिक वाले हिस्से को काटें। जैसे ही आप सुई के पीछे लगे पलास्टिक वाले हिस्से को काटेंगे तो इंजेक्शन एक सक्षम पाइप की तरह हो जाएगा। बिलकुल वैसा ही जैसा पिचकारी होती है। और उसके बाद आप रोगी के शरीर पर, जहां सांप ने काटा है, वो निशान ढूंढे। सांप के काटे हुए स्थान पर सूजन आ जाती है इसलिए ये जगह आपको आसानी से मिल जाएगी।

अब आपको वो इंजेक्शन (जिसका सुई वाला हिस्सा आपने काट दिया है) लेना है, और उन दो निशान में से पहले एक निशान पर रख कर उसको खीचना है। जैसे ही आप निशान पर इंजेक्शन रखेंगे वो निशान पर चिपक जाएगा तो उसमें वैक्यूम क्रिएट हो जाएगा और आप खींचेगे तो खून उस इंजेक्शन में भर जाएगा। आप इंजेक्शन से खींचते रहिए। पहली बार निकालेंगे तो देखेंगे कि उस खून का रंग हल्का काला होगा या गाढ़ा काला होगा। ऐसा हुआ तो समझ लीजिए कि उसमें जहर मिला है।

जब तक गाढ़ा और काला रंग खून में निकलता रहे आप इंजेक्शन से उसे खींचकर निकालते रहिए। इस तरह से वो पूरा जहर बाहर आ जाएगा। सांप के काटने से जो पदार्थ निकलता है उसमें जहर की मात्रा सिर्फ 0.5 मिलीग्राम होती है। इससे ज्यादा उसके दांतों में रह ही नहीं सकता। दो-तीन बार में आपके खींच लेने से ये जहर बाहर आ जाएगा।

और इसके बाद आप देखेंगे कि रोगी में कुछ कुछ बदलाव आ रहा है। अब उसमें थोड़ी चेतना आनी शुरू हो जाएगी। सांप काटने से व्यक्ति बेहोश या बेहोशी जैसी हालत में पहुंच जाता है और जहर को बाहर खींचने से उसमें चेतना आ जाती है। ऐसी हालत में उसकी मौत नहीं होगी। आप फर्स्ट ऐड के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस स्थिति के लिए एक दूसरी दवा भी है। आप चाहें तो हमेशा उसे घर में रख सकते हैं। ये होम्योपैथी दवा बेहद सस्ती है। इस दवा का नाम नाजा है। ये आपको किसी भी होम्योपैथी शॉप से मिल जाएगी। ये दवा 5मिलीलीटर मात्रा में खरीद कर रख लीजिएगा। इसकी इतनी ही मात्रा से 100 लोगों की जान बच सकती है और इसकी कीमत सिर्फ पांच रुपए है। इसकी 100 मिलीग्राम की बोतल भी आती है। 70 से 80 रुपए की इस बोतल से 10,000 लोगों की जान बच सकती है।


ये 'नाजा' दवा दुनिया के सबसे खतरनाक सांप का ही जहर जिसे क्रैक कहते हैं। इस सांप का जहर दुनिया में सबसे खतरनाक माना जाता है। ये जहर है लेकिन डिल्यूशन फॉर्म में है इसलिए घबराने की कोई बात नहीं।  1 बूंद उसकी जीभ पर रखे और 10 मिनट बाद फिर 1 बूंद रखे और फिर 10 मिनट बाद 1 बूंद रखे। 3 बार डाल के छोड़ दीजिए। बस इतना काफी है।
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