loading...
आपत्तिजनक सीडी मिलने के बाद केजरीवाल ने अपने मंत्री को हटाया...

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आपत्तिजनक सीडी मिलने के बाद अपनी सरकार के महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। खुद केजरीवाल ने ट्वीट कर ये जानकारी दी।

यह तस्वीर उस सीडी का हिस्सा है जो एबीपी न्यूज चैनल के पास है। (साभार: ABP न्यूज चैनल)


केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, मंत्री संदीप कुमार की 'आपत्तिजनक' सीडी मिली है। 'आप' सार्वजनिक जीवन में शुचिता के पक्ष में है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता। तुरंत प्रभाव से इनको कैबिनेट से हटा रहे हैं।'

पार्टी सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल को सौंपी गई सीडी और कुछ तस्वीरों में मंत्री संदीप कुमार दो महिलाओं के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दे रहे थे।

उल्लेखनीय है कि केजरीवाल सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में ये तीसरे मंत्री हैं, जिनको पद से हटाया गया है। इससे पहले जून 2015 में कानून मंत्री जितेंद्र तोमर और अक्टूबर, 2015 में खाद्य आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद खान को भी केजरीवाल को अपने कैबिनेट से हटाना पड़ा था।




पिछले महीने संदीप कुमार ने दिल्ली की सड़कों से भिखारियों को हटाने की योजना चलाई थी, लेकिन सीएम केजरीवाल ने इसे लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच दखल देते हुए ट्विटर पर इस योजना को बंद करने की बात कही थी।

खबरों के मुताबिक संदीप कुमार ने ऐसी योजना बनाई थी जिसमें भिखारियों को सड़कों से उठाकर सरकार संचालित केंद्रों में रखा जाना था। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि इसमें भिखारियों के पुनर्वास की कोई ठोस कार्ययोजना शामिल नहीं थी।

आपको बता दे की सियासत के बीच सेक्स संबंध कोई नई बात नहीं रही है। सेक्स, सीडी और सियासत का जब-जब कॉकटेल हुआ है, तब-तब हंगामा बरपा है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही राजनेताओं के बारे में जो सेक्स और सियासत के बीच फंसने के बाद सुर्खियों में आए थे........

रंगीन मिजाज एनडी के सीडी से बरपा था हंगामा :-




बात सन् 2009 की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त (एनडी) तिवारी उनदिनों आंध्र प्रदेश के राज्यपाल हुआ करते थे। एक दिन टीवी पर उनकी एक कथित सेक्स सीडी सामने आई, जिसने पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। हर तरफ उसकी चर्चा होने लगी।

उस सीडी में एनडी तिवारी तीन महिलाओं संग आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे थे। उस वीडियो क्लिप को तेलुगू चैनल ने प्रसारित किया था। इस सीडी के सियासत ने ऐसा रंग दिखाया कि एनडी को राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर वापस लौटना पड़ा।

सीडीकांड को उन्होंने अपने खिलाफ विरोधियों की साजिश बताया था। आंध्र प्रदेश से लौटने के बाद एनडी तिवारी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सक्रिय राजनीति अपनी जमीन तलाश ही रहे थे कि एक नई मुसीबत सामने आ गई।

जवानी के दिनों में अपनी रंगीनमिजाजी के लिए मशहूर एनडी पर एक महिला ने नया आरोप लगा दिया। उस महिला ने बताया कि वह उनकी पत्नी है और उन दोनों से एक बेटा भी है। एनडी के इंकार पर यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। काफी इंकार के बाद उन्होंने पत्नी और बच्चे को अपना लिया।

नौकर के साथ दिखे थे बीजेपी नेता राघवजी :-

बात सन 2013 की है। एक सेक्स सीडी ने मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में तहलका मचा दिया था। उस सीडी में बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री राघवजी अपने नौकर राजकुमार के साथ अपनी वासना को शांत करते दिखे थे। वह अपने ड्राइंग रूम की कुर्सियों के बीच फर्श पर राजकुमार के साथ पूरे जोश के साथ काम क्रीड़ा में लीन दिखे। राघवजी तीन साल से यौन शोषण कर रहे थे। दूसरे वीडियो में राघवजी के ड्राइंग रूम में राजकुमार उनका मैस्टबेट करता दिखा।

भंवरी के भंवर में फंसी सियासत में आया भूचाल :-

भंवरी देवी का ताल्लुक राजस्थान की नट बिरादरी से था। वह जोधपुर के नजदीक पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में नर्स थी। उसकी शादी भी हो चुकी थी। पर मॉडलिंग और राजस्थानी एल्बम को सीढ़ी बना कर वह फिल्मों की हीरोईन बनने का सपना पाले बैठी थी।

लिहाजा अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए वह कुछ भी कर सकती थी। गांव के अस्पताल में ले देकर एक ही वही नर्स थी और वो भी ड्यूटी से गायब रहती थी। लिहाजा गांव वालों की शिकायत पर भंवरी देवी को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।

भंवरी देवी ने ऐलान किया था कि उसके पास एक सीडी है। जिसके बाहर आ जाने पर राजस्थान की सरकार तीन दिन में गिर जाएगी। आखिर क्या था उस सीडी में कि देश की एक राज्य सरकार को गिराने की धमकी दी जा रही थी? ऐसा क्या था उस सीक्रेट सीडी में कि नेताओं के हाथ-पांव फूलने लगे थे? साल 2010 तक भंवरी ने सत्ता का खूब सुख भोगा। पर अचानक बात बिगड़ी गई। भंवरी की ख्वाहिशें बेलगाम हो गईं थी। मंत्री मदेरणा के साथ अपने रिश्तों के एवज में सीधे विधानसभा का टिकट मांग बैठी।


यह बात 16 अगस्त, 2011 की है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मशहूर आरटीआई कार्यकर्ता 38 वर्षीया शहला मसूद की उसके घर के बाहर कार में हत्या कर दी गई। स्थानीय पुलिस को शुरू में लगा कि यह खुदकुशी का केस है। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी इस केस की कड़ियां उलझती चली गईं। इस बीच मीडिया और लोगों के दबाव में आकर राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। 19 अगस्त, 2011 को यह मामला सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया।


सीबीआई की जांच में एक अप्रत्याशित प्रेम त्रिकोण का खुलासा हुआ। जिसने जांच की पूरी दिशा बदल दी। इस प्रेम त्रिकोण में शामिल पात्र थेः प्रेम दीवानी जाहिदा परवेज, जिसकी शादी भोपाल के सबसे रईस बोहरा खानदानों में से एक में हुई थी। आशिक मिजाज ध्रुव नारायण सिंह, जो मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार के पूर्व राज्यपाल गोविंद नारायण सिंह के बेटे हैं। और तेजतर्रार शहला मसूद, जो इवेंट मैनेजमेंट प्रोफेशनल होने के साथ आरटीआइ कार्यकर्ता थीं।
loading...
हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज को Like करे
loading...

SHARE THIS
Previous Post
Next Post