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बढ़ी नवाज़ की मुश्किलें, पाकिस्तान के खिलाफ एक हो रहे है मुस्लिम देश!

शिया मौलाना ने इस बार मोहर्रम में मजलिस पढ़ने के लिए पाकिस्तान जाने से इन्कार कर दिया है। सभी ने एक सुर से पाकिस्तान को आतंकी देश करार देते हुए न्यौता ठुकरा दिया है।



उरी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले से नाराज शिया मौलाना ने इस बार मोहर्रम में मजलिस पढ़ने के लिए पाकिस्तान जाने से इन्कार कर दिया है।

सभी ने एक सुर से पाकिस्तान को आतंकी देश करार देते हुए न्यौता ठुकरा दिया है। इनमें डॉ. कल्बे सादिक, वसी असगर मुजफ्फरनगरी सरीखे मौलाना शामिल हैं।

कर्बला के शहीदों का गम सारी दुनिया में मनाया जाता है। दो माह आठ दिन के इस मोहर्रम में मौलाना यानी जाकिर-ए-अहलेबैत को मजलिस पढ़ने के लिए देश-विदेश से बुलावा आता रहा है।

पाकिस्तान से इस बार मौलाना डॉ. कल्बे सादिक, मौलाना इरशाद नकवी, मौलाना सैफ अब्बास नकवी, मुजफरनगर से मौलाना वसी असगर, सहारनपुर से मौलाना मिर्जा जावेद, लखनऊ से मौलाना आजिम हुसैन को मजलिस को संबोधित करने का न्यौता मिला था। सभी ने न्यौता ठुकराते हुए मजलिस के लिए अमेरिका, लंदन और दुबई जाने की तैयारी कर ली है।

पाकिस्तान के खिलाफ एक हो रहे मुस्लिम देश :-

पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाने के प्रयास में भारत को जल्द एक और सफलता मिल सकती है। अफगानिस्तान और बांग्लादेश की तरह ईरान भी बलूचिस्तान पर भारत के रुख का समर्थन करेगा।

कूटनीतिक प्रयासों में जुटे शीर्ष अधिकारियों की मानें तो बलूचिस्तान पर ईरान को साधने में कामयाबी लगभग मिल गई है।

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के अनुसार उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने की भारतीय कोशिश तीन स्तर पर चल रही है।

पहला प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक को अलग-थलग करना तो दूसरी सार्क देशों के बीच उसके चेहरे को बेनकाब करना है।


तीसरी रणनीति पाक पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाने की है। इसके लिए सैन्य बलों की तादाद सीमा पर बढ़ाई जाएगी। पाक के साथ जंग की अभी सरकार की कोई मंशा नहीं है, मगर आने वाले समय में सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाकर भारतीय रणनीतिकार पाक पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
Disclaimer ; Pakistan a terrorist state, there will not.
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