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नए नोटों को लेकर आई अब बड़ी खबर, जिसे पढ़ हर भारतीय पीट लेगा अपना सर... पढ़ें!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश से 50 दिनों की मोहलत मांगी थी। ये मोहलत खत्म होने में अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी हैं। करीब 86 प्रतिशत पुराने नोट वापस बैंकों के पास चले गए हैं।



विशेषज्ञों के मुताबिक, 31 दिसंबर के पास आने के साथ ही मोदी के री मोनेटाइजेशन के वादे पर भी आशंका के बादल छाते नजर आ रहे हैं।

भारत की प्रिंटिंग प्रेस और इनकी करेंसी छापने की क्षमता को देखकर कहा जा सकता है कि सरकार की डेडलाइन तक समस्या का समाधान मुमकिन नहीं है। नोटबंदी के बाद देशभर में करीब 14 लाख करोड़ रुपए वापस ले लिए गए हैं।

अगर सरकार पूरे के पूरे 14 लाख करोड़ जारी करेगी तो इसके लिए अगस्त 2017 का समय लगेगा। वहीं, अगर मोदी सरकार करीब 35 प्रतिशत कम यानी 9 लाख करोड़ रुपए जारी करती है तो भी इतनी मुद्रा जारी करने में मई 2017 तक का समय लगेगा। सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त मात्रा में 500 रुपए के नए नोट जारी करना होगा।

500 रुपए के 681 करोड़ नोट छापने होंगे :-

अगर सरकार 9 लाख करोड़ रुपए की राशि बाजार में फिर से जारी करती है तो करीब 500 रुपए के 681 करोड़ नोटों की जरूरत होगी। इनका मूल्य 3.405 लाख करोड़ होगा। वहीं अगर 14 लाख करोड़ रुपए बाजार में फिर से जारी करने हैं तो 500 रुपए के करीब 1,181 करोड़ नोट छापने होंगे।

जुलाई 2017 से पहले लक्ष्य पाना मुश्किल :-


पर्याप्त नोटों को छापने में 122 दिन से 212 दिन लगेंगे। 9 लाख करोड़ के लिए 500 के नोट 10 मार्च 2017 तक लाए जा सकेंगे। ऐसे में 14 लाख करोड़ नोटों को छापने में जुलाई 2017 हो जाएगी।
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