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दुनियाभर के कई प्रेमी जोड़े जहां वैलंटाइंस डे के खुमार में डूबे हुए हैं वहीं मध्य प्रदेश में इस दिन पर एक अलग ही बयार बहाने की तैयारी चल रही है। मामला राज्य के आदिवासी बहुल जिले छिंदवाड़ा का है।



यहां के कलेक्टर जे के जैन ने वैलंटाइंस डे के लिए एक खास नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए प्यार भरे इस दिन को माता-पिता के नाम करने की अपील करते हुए वैलंटाइंस डे पर माता-पिता की पूजा करने की बात कही गई है।

जिले के सभी स्कूलों को आदेश देते हुए इस नोटिस में लिखा है कि बच्चों और युवाओं में माता-पिता के प्रति पूज्य भाव प्रदर्शित करने की आवश्यकता को देखते हुए 14 फरवरी का दिन जिले में मातृ-पितृ पूज्य दिवस के रूप में मनाया जाए।

जिले की सभी शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं में यह कार्यक्रम विशेष रूप से मनाया जाए। घर-परिवार, मोहल्लों, गांव और शहरों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करके इस कॉन्सेप्ट को वृहद रूप दिए जाने की अपेक्षा की जाती है।

कलेक्टर के यह आदेश छिंदवाड़ा जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल-कॉलेजों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र को भेजा गया है। हालांकि इस पत्र में यह स्पष्ट नही किया गया है कि माता-पिता की पूजा कैसे की जाये। स्कूलों के प्राचार्य भी इस आदेश का पालन करने का तरीका ढूंढ़ रहे हैं।

कलेक्टर साहब के इस आदेश पर सरकार मौन है। अपने इस आदेश के पीछे कलेक्टर का तर्क है, हम चाहते हैं कि हमारे युवा और विद्यार्थी माता-पिता तथा गुरुओं का सम्मान करना सीखें। इससे हमारी भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। जब बच्चे माता-पिता का सम्मान करेंगे तो अन्य लोगों का सम्मान करना खुद-ब-खुद सीख जाएंगे। इसके लिये सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। कलेक्टर के पास इस सवाल का कोई जवाब नही है कि माता-पिता की पूजा के लिये उन्होंने 14 फरवरी का दिन ही क्यों चुना है।

छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का संसदीय क्षेत्र है। कांग्रेस ने कलेक्टर के इस फैसले को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि छिंदवाड़ा के कलेक्टर संघ और बजरंग दल का अजेंडा चला रहे है। भारत में हर बच्चा अपने मां-बाप की इज्जत करता है और वह इस काम को साल के पूरे 12 महीने और 365 दिन करता है।

इसके लिये किसी खास दिन की जरूरत नही है। कलेक्टर महोदय को अपना ध्यान जिले के प्रशासन में लगाना चाहिए। उन्हें किसी संगठन या दल की विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश नही करनी चाहिए। पूरा देश जानता है कि वैलंटाइंस डे का विरोध कौन लोग और क्यों करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मांग की है कि वह सरकारी मशीनरी का संघीकरण न करें।


गौरतलब है कि यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद संत आसाराम पिछले कुछ सालों से इस दिन को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने के लिए कई आयोजन करवाते रहे हैं। बाबा रामदेव जैसे संत भी वैलंटाइंस डे के खिलाफ बयान देते रहे हैं। साथ ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों का इस दिन के विरोध में प्रदर्शन भी सुर्खियों में आता रहता है।
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