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अरविंद केजरीवाल ने गिफ्ट में भगवदगीता लेने से किया इनकार, जानिए कारण!

चंदा बंद सत्याग्रह ( नो लिस्ट नो डोनेशन कैम्पेन) का प्रतिनिधिमंडल रविवार को दिल्ली के CM और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उन्हें भगवत गीता भेंट की, लेकिन केजरीवाल ने यह भेंट स्वीकार नहीं की।



दरअसल इस अभियान के सदस्य 4 फरवरी को संपन्न हुए पंजाब चुनाव में 21 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को उतारने के आप के फैसले का विरोध करने वहां पहुंचे थे।

चंदा बंद सत्याग्रह के संजोयक मुनीष रायजादा और दो अन्य वॉलिंटियर को केजरीवाल के आवास में जाने की इजाजत दी गई, बाकी सदस्यों को बाहर ही रोक दिया गया। केजरीवाल आवास में मौजूद थे, लेकिन रायजादा और अन्य वॉलिंटियर को बहुत देर तक इंतजार कराया गया। वहीं, केजरीवाल ने उनसे गीता लेने से इनकार कर दिया।

आपको बता दें कि आप के 21 में से 9 उम्मीदवार पर गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ रेप, मर्डर, किडनैपिंग और चोरी के आरोप हैं।

रायजादा ने कहा, 'इसका मकसद अरविंद केजरीवाल को भगवद गीता में दर्ज 'कर्म' के संदेश का अहसास दिलाना था। दागी उम्मीदवारों को खड़ा करके और दानकर्ताओं की लिस्ट छुपा के आप के चंदा चोर गैंग पार्टी और जनता के लिए खराब कर्म करने में लग गए हैं।'

उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी पंजाब में लोगों को आदर्शों और नीतियों के नाम पर बेवकूफ बना रही है, जिसका पालन वह खुद नहीं करती। हम केजरीवाल को यह समझाना चाहते थे कि कर्म का न्याय का अपना तरीका है और यह देर न सबेर हो ही जाता है।'


बता दें कि आप के पूर्व सदस्य मुनीष रायजादा ने पार्टी में पारदर्शिता की कमी के खिलाफ चंदा बंद सत्याग्रह की शुरुआत की है। अभियान के सदस्यों ने कैश में चंदा स्वीकार करने की सीमा 2000 रुपये तय करने के वित्त मंत्री की घोषणा का स्वागत किया था।
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